BPO Full Form in Hindi – BPO क्या है?

BPO Full Form in Hindi Kya Hai

BPO Full Form in Hindi क्या होती है, BPO क्या होता है, BPO का क्या Use होता है, BPO के कितने Type होते है, BPO के Advantage क्या होते है. अगर आप BPO से जुड़े हुए इन्ही सवालों का जबाब खोज रहे है तो ये Post आपके लिए ही है.

आज आपको में इस Post में BPO के बारे में जानकारी देने जा रहा हूँ. मैं आशा करता हूँ कि आप BPO के बारे में जो कुछ भी जानना चाहते है वो आपको इस Post में अवश्य मिल जाये. अगर आप BPO के बारे में अच्छे से समझना चाहते है तो इस Post को पूरा Read जरुर करे.

दोस्तों, जैसा की हम सभी जानते है कि किसी Business को चलाना कोई आसन काम नही होता है. छोटा- मोटा Business तो कोई भी आसानी से Handel कर सकता है लेकिन अगर Business काफी बड़े स्तर पर हो तो बहुत सारी ऐसी चीज़े होती है.

जिनका होना आवश्यक है. जैसे के Coustomer Care, Resources Managment, Account Managment आदि. ये सारे कार्य BPO के द्वारा कराया जाता है. आइये जानते की BPO Full Form in Hindi क्या होती है और BPO क्या होता है.

BPO Full Form in Hindi क्या है और BPO क्या है?

BPO Stands for “Business Process Outsourcing (बिज़नस प्रोसेस आउटसोर्सिंग)”. यह एक Process होता जिसमे Business के लिए किसी Third Party द्वारा Services Provide कराई जाती है.

इसे दो भागों में वर्गीकृत किया गया है. पहला Back- Office जिसका कार्य Human Resources, Finance, Accounting आदि को Manage करना और दूसरा Front- Office जिसमे Customer Service, Call Center आदि जैसे कार्य आते है.

BPO के Types

BPO को निम्नलिखित तीन Types होते है-

Onshore Outsourcing – अगर कोई BPO Service Same देश में ली जा रही है तो उसे Onshore Outsourcing कहते है.

Nearshore Outsourcing – अगर कोई BPO Service किसी पड़ोसी देश में ली जा रही हो उसे Nearshore Outsourcing कहते है.

Offshore Outsourcing – अगर कोई BPO Service पड़ोसी देश को छोड़ कर किसी अन्य देश से ली जा रही हो उसे Offshore Outsourcing कहते है.

BPO के Advantage

  • इससे Business की Speed और Efficiency बढ़ जाती है.
  • कर्मचारी प्रतिस्पर्धी लाभ को मजबूत करने और मूल्य श्रृंखला जुड़ाव बढ़ाने के लिए कोर बिजनेस रणनीतियों में अधिक समय निवेश कर सकते हैं।
  • संगठनात्मक विकास बढ़ता है जब पूंजी संसाधन और संपत्ति व्यय की आवश्यकता नहीं होती है, जो समस्याग्रस्त निवेश रिटर्न को रोकता है।
  • संगठनों को असंबद्ध प्राथमिक व्यापार रणनीति संपत्तियों में निवेश करने की आवश्यकता नहीं है, जो विशिष्ट दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित करने की सुविधा प्रदान करते हैं।

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