RSS Full Form in Hindi – RSS के सदस्य कैसे बनें?

RSS Full Form in Hindi Kya Hai

RSS Full Form in Hindi क्या होती है, RSS क्या होता है, RSS का इतिहास क्या है, RSS के मुख्य लक्ष्य क्या है, RSS के सदस्य कैसे बनें. अगर आप RSS से जुड़े हुए इन्ही सवालों का जबाब खोज रहे है तो ये Post आपके लिए ही है.

आज आपको में इस Post में RSS के बारे में जानकारी देने जा रहा हूँ. मैं आशा करता हूँ कि आप RSS के बारे में जो कुछ भी जानना चाहते है वो आपको इस Post में अवश्य मिल जाये. अगर आप RSS के बारे में अच्छे से समझना चाहते है तो इस Post को पूरा Read जरुर करे.

दोस्तो, जैसा की हम सभी को ज्ञात है कि हमारा देश भारत भिन्न स्भ्यताओं वाला देश है। यहाँ आपको भिन्न प्रकार के लोग, भाषा, मान्यता आदि आसानी से मिल जाते है। शायद हमारे देश के बारे मे सही कहा गया है कि “कोस कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी”।

आज हमारे देश मे कई स्भ्यताए दम तोड़ती जा रही है जिन्हें अगर नही बचाया गया तो हो सकता है कि वह विलुप्त हो जाए। इसी कारण हमारे देश मे कई ऐसे दल या संघ है। देश मे विलुप्त हो रही स्भ्यताओं कि रक्षा तथा लोगो को उनसे अवगत कराना ही उनका मुख्य कार्य है।

इनमे से कई ऐसे भी दल है जो हमारी संस्कृति की रक्षा को करते ही है साथ ही साथ वक़्त आने पर देश की रक्षा के लिए भी तत्पर रहते है। इन्हीं मे एक संघ RSS भी है आइये जानते है कि RSS Full Form in Hindi क्या होती है और RSS क्या होता है।

Note- ये पूरा Article किसी के कहने पर नही लिखा गया है। इसमे लिखा एक एक शब्द Internet से जानकारी जुटा कर लिखा गया है। यदि इसमे किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पायी जाती है तो इसके Author का कोई भी दोष नही होगा।

RSS Full Form in Hindi क्या है और RSS क्या है?

RSS Stands for “Rashtriya Swayamsevak Sangh”. RSS की हिन्दी “राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ” होती है। यह भारत का दक्षिणपंथी, हिन्दू राष्ट्रवादी, अर्धसैनिक, स्वयंसेवक संगठन है। लोग इसे राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ की तुलना मे संघ या RSS के नाम से अधिक पहचानते है।

यह भारतीय जनता पार्टी के पितृ संगठन के रूप मे भी अधिक प्रसिद्ध है। पूरे भारतवर्ष में कई लोग RSS से जुड़ कर देश व भारतवासियों की सेवा मे लगे हुए है। BBC के अनुसार RSS विश्व का सबसे बड़ा स्व्यंसेवी संस्थान है।

RSS के कई लक्ष्य है जैसे- अपनी संस्कृति को बचाए रखना, जो लोग अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे है या भूल चुके है उन सभी को उन्हे अपनी गौरवपूर्ण संस्कृति के बारे मे बताना तथा उन्हें उससे जोड़े रखना।

इनके भी अलावा भारत को विश्वगुरु बनाना तथा हमारे खोये गए संस्कारों को वापस लाना भी RSS का लक्ष्य है। सन 2018 की शुरुआत मे सेवानिवृत्त न्यायधीश श्री केटी थॉमस ने कहा था की संविधान और सेना के बाद यदि कोई है तो वो संघ ही है जो भारतीयो की रक्षा मे सक्षम है।

RSS की इतिहास

आज से करीब 92 साल पहले 27 सित्म्बर 1925 को विजयादशमी के दिन डॉ॰ केशव हेडगेवार ने RSS की स्थापना की थी। तब से अब तक देश की कई जंगों मे RSS का योगदान रहा है। गांधी जी की इच्छा को खारिज करते हुए मुसलमानों के सहयोग से माना कर दिया।

ब्रिटिश शासन से लड़ाई के वक़्त किसी भी राजनैतिक पार्टियों से कोई भी संबंध नही रखा। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान खुले तौर पर RSS ने  Adolf Hitler और Benito Mussolini की रणनीति की प्रसंसा की। Bangladesh से युद्ध के दौरान भी भारत सरकार को RSS द्वारा समर्थन दिया गया।

RSS पर Ban

RSS की स्थापना से अब तक इस पर तीन बार Ban (प्रतिबंध) लगाया जा चुका है-

First Ban- पहली बार RSS के Ban का कारण म्हात्मा गांधी की ह्त्या थी। उस वक़्त नाथुराम गोडसे RSS के Member थे और सभी को लगा की इसके पीछे RSS का हाथ है। लेकिन इसे साबित कोई नही कर पाया और ये Ban हटा दिया गया।

Second Ban- दूसरी बार RSS पर Ban 1975 मे Emergency के वक़्त लगा था। ये Ban इसीलिए लगाया गया ताकि सभी Members एक जुट न हो सके। बाद मे RSS ने जनता पार्टी के साथ मिलकर एक मिलीजुली सरकार बनाई।

Third Ban- तीसरी बार इस पर आरोप था कि RSS के कार्यकर्ताओं द्वारा एक मस्जिद को गिराया गया है। इस मस्जिद का नाम बाबरी मस्जिद था खुदाई मे मिले तथ्यो के अनुसार वहाँ पहले एक मंदिर हुआ करता था। यह जगह अयोध्या मे स्थित है।

RSS के कार्य

RSS द्वारा किए जाने वाले कुछ मुख्य कार्य इस प्रकार है-

  • समाज मे अपनी संस्कृति बनाए रखना।
  • अपने समाज के लोगों को जोड़े रखना।
  • अपने रीति- रिवाज व संस्कार अपने बच्चों को सीखना।
  • देश की आपदा पीड़ित इलाको मे मदद तथा राहत कार्य चलना।
  • आपदा पीड़ित लोगो का पुनर्निवास करना।

RSS के सदस्य कैसे बने?

यदि आप RSS के सदस्य बनना चाहते है तो इसके लिए आपको किसी भी प्रकार की कोई भी Fees नही देनी होती और ना की इसका कोई Registration Process होता है। आप अपने किसी भी नजदीकी शाखा मे जाये और वहाँ होने वाली दैनिक, साप्ताहिक तथा मासिक होने वाली गतिविधियों मे भाग ले सकते है।

इसके लिए आपका हिन्दू होना जरूरी नही है आप किसी भी धर्म के हो इससे कोई भी फर्क नही पड़ता है। शाखा के क्रिया कलापों मे सूर्य नमस्कार, प्रार्थना, व्यायाम, खेल आदि शामिल है। आप Member बनने के लिए rss.org पर Click करके Form भी भर सकते है।

Hello दोस्तों, मैं आशा करता हूँ की आपको ये अपने RSS Full Form in Hindi – RSS के सदस्य कैसे बनें post पसंद आई होगीं अगर आपको इस post से related कोई सवाल या सुझाव है तो आप नीचें comment करें और इस post को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करें.

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