RTI Full Form in Hindi – आरटीआई क्या है?

RTI Full Form in Hindi Kya Hai

RTI Full Form in Hindi, RTI का क्या मतलब होता है, आरटीआई क्या है, आरटीआई का पूरा नाम क्या है, RTI कैसे करे, RTI Rules क्या हैं, RTI क्या होता है, RTI कैसे Fill करें. अगर आप भी इन्हीं सब सवालों के जबाब ढूंढ रहे हो तो इस पोस्ट को पूरा जरुर पढ़ें.

एक आम भारतीय नागरिक ये सोचता है की वो किसी भी सरकारी विभाग से किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं ले सकता है और सरकारी विभाग अधिकारी जो चाये वो जानकारी ले सकते हैं यानी की एक आम नागरिक को ये लगता है उसके पास इस तरह का कोई अधिकार ही नहीं है.

लेकिन जैसा की आप जानते हो दोस्तों की भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और इसलिए भारत सरकार ने सदैव अपने नागरिको के जीवन को सहज, सुचारु बनाने पर बल दिया है और इसी बात को ध्‍यान में रखते हुए भारत को पूरी तरह लोकतांत्रिक बनाने के लिए समय-समय पर कानून बनाए और बदले जाते रहते हैं.

इसलिए भारत सरकार ने किसी भी आम आदमी की पहुँच किसी भी सरकारी विभाग तक पहुँचाने के लिए एक ऐसा क़ानून बनाया जिसका उपयोग करके कोई भी आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी सवाल पूछ सकता है वो कानून है RTI, आइये जानते है RTI full form क्या है और RTI क्या है.

RTI Full Form क्या है और आरटीआई क्या है?

RTI का full form “Right to Information” और RTI full form को हिंदी में “सूचना का अधिकार” कहते है. RTI भारत की संसद का एक अधिनियम है जो नागरिकों के लिए सूचना के अधिकार के व्यावहारिक शासन को स्थापित करने के लिए संसद द्वारा 15 जून 2005 को पारित किया गया था और 12 अक्टूबर 2005 को प्रभावी रूप से लागू हुआ.

सरकार से सवाल पूछने का हक़ देश के हर नागरिक को है और RTI कानून को लाने का सबसे बड़ा उद्देश्य आम लोगों को सरकार से सवाल करने का हक़ देना था. इस कानून की सहायता से कोई भी आम व्यक्ति किसी भी सरकारी कार्यालय में अपना आरटीआई दर्ज करा कर किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त कर सकता है.

सूचना का अधिकार भी इस तरह का एक कानून है, जिसके अंतर्गत देश का लोकतंत्र मजबूत होता है और प्रशासनिक कार्यों में आम नागरिकों की सहभागिता बढती है. यह संविधान के अनुच्छेद 1 9 (1) के तहत एक मौलिक अधिकार है.

आरटीआई अधिनियम 2005 जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर भारत के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों पर लागू होता है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर का एक अलग अधिनियम है, जम्मू और कश्मीर सूचना का अधिकार अधिनियम.

RTI के मुताबिक ऐसी कोई भी जानकारी जो सरकार से जुड़ी हो जैसे की सरकारी स्कूल में अध्यापक अक्सर मौजूद ना हो, सरकारी अस्पताल में डॉक्टर मौजूद ना हो, सड़को की हालत खराब हों, प्रधानमत्री का खर्च, राष्ट्रपति भवन का खर्च आदि तो आप RTI के तहत इसकी सूचनाएं पा सकते हैं.

Right to Information (RTI) कैसे आवेदन करें?

सुचना का अधिकार Right to Information Act की धरा 6 के अनुसार कोई भी भारत का नागरिक आवेदन कर सकता है इसके लिए आपको उस विधाग के public information officer के नाम से एक साधारण application लिखनी होती है जिसमे आप साधारण रूप से अपने सवाल पूछते है इसके लिए सरकार ने कोई भी फॉर्म नही बनाया है आप जैसे किसी को application लिखते हो वैसे ही एस साधारण एप्लीकेशन लिख कर पूछ सकते हो.

RTI की एप्लीकेशन आप किसी भी भारतीय भाषा जैसे हिंदी, इंग्लिश या किसी भी स्थानीय भाषा में दे सकते हैं और अपने आवेदन पत्र की फोटो कॉपी करवा कर जन सुचना अधिकारी से रिसीविंग जरुर ले ले.

अगर कोई अधिकारी आपको सूचना देने से मना करता है या फिर जानबूझकर देरी करता है या तथ्य छुपाने की कोशिश करता है तो उसके लिए आप अपील कर सकते है  और ऐसा करने पर सम्न्धित अधिकारी पर प्रतिदिन के अनुसार 250 रूपये के अनुसार 25000 रूपये तक जुरमाना लगाया जा सकता है.

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